ज्ञान, भक्ति और कर्म का संतुलन: शंकराचार्य का समन्वयवादी दृष्टिकोण
आदि शंकराचार्य का दृष्टिकोण समन्वयवादी था, जिसमें उन्होंने ज्ञान, भक्ति और कर्म तीनों को जीवन के आवश्यक अंग माना। उनके अनुसार आत्मज्ञान से मुक्ति मिलती है,
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May 2025 8:25 PM
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