बारिश: एक किरण उम्मीद की
सूखे से बेहाल लखन व लक्ष्मी की चिंता सुबह की चाय पर भी गहरी थी। फसलें मुरझा रहीं, कर्ज का डर था। मानसून भी निकला जा रहा था। तभी, अचानक बादल बरसे; उनकी बेबस उम्मीद को नया जीवन मिला।
Lifestyle
•
01
Jul 2025 10:42 PM
•
Lifestyle
•
•