तुम और मैं ...एक अधूरे ख्वाब थे ...मंजूषा कुमारी 

जिसे चाहा उसे पा ना सकी, लेकिन एक अनचाहा रिश्ता जिन्दगी बन गया ... जिन्दगी खत्म होने को आई पर यादें मर ना सकी ... 

Personal

12
Apr
2025 2:53 PM


तुम और मैं ...एक अधूरे ख्वाब थे ...मंजूषा कुमारी